Category: जीवन विचार

  • सुखदुख

    सुखदुख

    दो.- सुख और दुख में भेद है कितना जैसे धरती पाताल ।     पर दोनों का साथ है गहरा हर कोई होत निहाल ।। टेक – सुख जाए खुशी से, दुख खतम ना होय ।      सुख में अपने सभी हैं, दुख में पूछे ना कोय ।। सुख की बंशी बजे चैन से, जीवन खिल…