Category: भक्ति कविता
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भक्ति भावना
दिल में तो तू ही समाया,दूजा ना मुझको भाया।ऐसे में प्रभूजी मुझको शरणो में ले लो।।दिल में तो तू ही समाया,दूजा ना मुझको भाया।ऐसे में प्रभूजी मुझको शरणो में ले लो।।दिल में तो तू ही समाया, दर्शन को प्यासी अखियां ,माने ना कोई बतियां,दर्शन को प्यासी अखियां ,माने ना कोई बतियां,राम को जपते जपते,…
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श्रीराम आरती
आरत करूँ पूजा करूँ सेवा करूँ प्रभु राम की । भक्ती असी दिल में बसी नील छबि श्रीराम की ।। 1 ।। आरत करूँ पूजा करूँ सेवा करूँ… शर धनुधारी पीतपट धारण किए शुभ नाम की , उध्दारकर्ता मुक्तिदाता पूज्यवर भगवान की । निसदिन जपू जपते रहूँ घट घटके वासी नाम की, करूणामयी शांतीप्रदायनी…
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रामबंदना
जय जय जय हो विश्वविधाता, हर जीवों के जीवनदाता । लोक अलोक के सबकुछ ज्ञाता, बंदन तेरी हे सुखदाता ।। 1 ।। बंदन तेरी हे सुखदाता । तू जगतारक श्रृष्टि के चालक, तुम्हें पुकारुँ हे मेरे पालक । कृपा करो तुम कृपानिकेता, आया शरण में हे जगदाता ।। 2 ।। बंदन तेरी हे…
